Kyon Main Woh Nahi

Posted In India, Poetry, Thoughtworks - By NitiN Kumar Jain On Saturday, September 20th, 2008 With 0 Comments






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मैं आज जो हूँ
सोचता हूँ क्यों हूँ
क्यों मैं वो नही
जो मैं सोचा करता था
क्यों मैं वो नही
जो मैं चाहा करता था

क्यों सच से डरने लगा हूँ
क्यों झूट का सहारा है
क्यों किश्ती डूबी मेरी
क्यों तिनके का सहारा है
क्या गलती की जो यह सोचा
यह संसार हमारा है

झूट कभी नही बोलूँगा
क्यों मैं कहा करता था
क्यों मैं वो नही
जो मैं चाहा करता था

इंसानों की इस दुनिया में
भगवान कहाँ पर रहते है
व्यापर में अव्वल है यह सब
ना भावनाओं में अब बहते है
विचार बदलते है हर पल
क्या प्यार है यह सब कहते है

क्यों मैं हर पल
सपनो में रहा करता था
क्यों मैं वो नही
जो मैं चाहा करता था

क्यों मैं वो नही
जो मैं सोचा करता था
क्यों मैं वो नही
जो मैं चाहा करता था

-एन के जे



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