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दरà¥à¤¦ वह नही जो तेरा है …
दरà¥à¤¦ वह à¤à¥€ नही जो मेरा है …
दरà¥à¤¦ को अपनी उलà¥à¤«à¤¤ ना समà¤à¥‹ …
दरà¥à¤¦ वह इबादत है जो दूसरो का हो तो हमारा है ..
कितनी पास होकर à¤à¥€ दूर हो तà¥à¤® …
दिल का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होकर à¤à¥€ मजबूर हो तà¥à¤® …
ना समठसके जो मेरे दिल की चाह …
कà¥à¤¯à¤¾ मेरे दिल का सिरà¥à¤«à¤¼ à¤à¤• फितूर हो तà¥à¤® …
तेरा दिल जो चाहे वह मैं नही जानता …
मेरा दिल कà¥à¤¯à¤¾ चाहे उससे तू अनजान है …
मैंने ही कहा खà¥à¤¶à¥€ दी है तà¥à¤à¤•ो …
जो तà¥à¤à¤¸à¥‡ खà¥à¤¶à¥€ पाने का अरमान है …
पà¥à¤¯à¤¾à¤° ना कहे कर ना किया जाठतो नागà¥à¤µà¤¾à¤° लगता है …
पà¥à¤¯à¤¾à¤° कहे कर ना किया जाठतो दà¥à¤¶à¤µà¤¾à¤° लगता है …
पà¥à¤¯à¤¾à¤° कहा जाठऔर किया जाठतो गà¥à¤²à¥›à¤¾à¤° लगता है …
पà¥à¤¯à¤¾à¤° ना कहे कर किया जाठतो पà¥à¤¯à¤¾à¤° लगता है …
मà¥à¤à¥‡ अपने लिठजीना नही आता …
मैं अपने लिठजीना नही चाहता …
चाहता हूठपà¥à¤¯à¤¾à¤° जो मेरी इस चाहत को अपना सके …
खता तो उसकी à¤à¥€ नही जो उसने जीना चाहा …
खता तो मैंने की जो उसको ना समठपाया …
– à¤à¤¨ के जे
