Shradhanjali
शà¥à¤°à¤§à¤¾à¤‚जलि देश के उन वीरो को जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी जान देकर हमे जिंदा रखा !!!
!!!!!!! हिमà¥à¤®à¤¤à¥‡à¤¬à¤¾à¤¦à¥à¤¶à¤¾à¤¹ !!!!!!!!!
अपनी माटी की खà¥à¤¶à¤¬à¥ को
ना बिकने दिया ना ही मिटने दिया
दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨à¥‹à¤‚ के नापाक मंसूबों को
हिनà¥à¤¦à¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ की धरती पे ना टिकने दिया
देख पे जान नà¥à¤¯à¥‹à¤›à¤¾à¤µà¤° करने
धरती माठके à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¨ को à¤à¤°à¤¨à¥‡
पहà¥à¤à¤š गठसीमाओं पर
हमारी ज़िंदगी के लिठमरने
छोड़ गठतरसती माà¤
इंतज़ार में पतà¥à¤¨à¥€, बिलखते बचà¥à¤šà¥‡
देश पे कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ के आगे
रिशà¥à¤¤à¥‹ के धागे पड़ गठकचà¥à¤šà¥‡
à¤à¤¸à¥‡ है वह वीर हमारे सचà¥à¤šà¥‡
ना ज़िंदगी से कà¥à¤› चाहा
ना दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨à¥‹à¤‚ के आà¤à¤— सर à¤à¥à¤•ाया
वतन पर कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨ इन वीरो ने
à¤à¤¾à¤°à¤¤ माठका क़रà¥à¤œà¤¼ चà¥à¤•ाया
à¤à¤• लाश मेरे सिपाही की
लहराता हà¥à¤† तिरंगा हाथों में
वह à¤à¥€ किसी के अपने थे
पर ढूà¤à¤¢à¤¾ ना दरà¥à¤¦ रिशà¥à¤¤à¥‡ नातों में
जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना था वह कर गà¤
और हम उलठगठसिरà¥à¤«à¤¼ बातों में
अब बारी है हमारी हमे कà¥à¤¯à¤¾ करना है
मरकर à¤à¥€ इनà¥à¤¹à¥‡ यादों में जिंदा रखना है
इनकी कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ खाली ना जाà¤
कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ कर गà¥à¤œà¤¼à¤°à¤¨à¤¾ है
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठजीना है
और सिरà¥à¤«à¤¼ इसी के लिठमरना है
सिरà¥à¤«à¤¼ और सिरà¥à¤«à¤¼ इसी के लिठमरना है
” ठमेरे वतन के लोगो
ज़रा आà¤à¤– में à¤à¤° लो पानी
जो शहीद हà¥à¤ है उनकी
ज़रा याद करो कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€
ज़रा याद करो कà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ ”
यह पंकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ मैंने कॉलेज के दिनों में लिखी थी मà¥à¤à¥‡ उस वकà¥à¤¤ à¤à¥€ अपने वतन से उतना ही पà¥à¤°à¥‡à¤® था जितना की आज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› कर नही पता हूठअपने वतन के लिठपर कोशिश करता हूठजो à¤à¥€ करूठवह वतन के ख़िलाफ़ ना हो आज à¤à¥€ उन पलो को नही à¤à¥‚ल पता हूठजब इन पंकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पनà¥à¤¨à¥‡ पे उतारा था, कितना à¤à¤¾à¤µà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ हो गया था मैं कà¥à¤› कर गà¥à¤œà¤¼à¤°à¤¨à¤¾ चाहता हूà¤
-à¤à¤¨ के जे
