Insaani Sach
à¤à¤¾à¤ˆ को à¤à¤¾à¤ˆ से लड़वा देता है पैसा
बचà¥à¤šà¥‹ को माठबाप से अलग कर देता है पैसा
हे खà¥à¤¦à¤¾ तà¥à¤¨à¥‡ यह इंसान बनाया कैसा
तà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ बेचकर खा जाà¤
इंसान है à¤à¤¸à¤¾
पैसा खà¥à¤¦à¤¾ है इमान है पैसा
मरने के बाद à¤à¥€ इसकी जान है पैसा
गर होता सब कà¥à¤› à¤à¥‚ट से
तो सच कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बोलता कोई
गर मिलता सब कà¥à¤› चोरी से
तो मेहनत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता कोई
गर होता सब कà¥à¤› नफरत से
तो पà¥à¤¯à¤¾à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता कोई
गर पà¥à¤¯à¤¾à¤° ना होता सबसे ऊपर
तो इसकी पूजा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता कोई
– à¤à¤¨ के जे
