Kadva Sach
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खà¥à¤²à¥€ आंखों से आज सच नही दिखता
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आज इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤¯à¤¾à¤° à¤à¥€ है बिकता
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ इंसानों ने इंसानों की कीमत है लगाई
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आज खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बजती नही शेहनाई
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नही बहता à¤à¤°à¤¨à¤¾ आज किसी की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥à¤à¤¾ पता
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सिरà¥à¤«à¤¼ मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ की घड़ी में है खà¥à¤¦à¤¾ याद आता
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ मजबूरन आज मैं इतना कà¥à¤› लिखता
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खà¥à¤²à¥€ आंखों से आज सच नही दिखता
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खà¥à¤²à¥€ आंखों से आज सच नही दिखता
यह कविता मैंने १४ अकà¥à¤Ÿà¥‚बर २००३ में लिखी मैं कà¥à¤› दिनों से अपने लेख ढूà¤à¤¢ रहा था अपने कंपà¥à¤¯à¥‚टर में और आज à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¥‡ से मैं इसको ढूà¤à¤¢ पाया और इसको बà¥à¤²à¥‰à¤— में पà¥à¤°à¤•ाशित कर रहा हूठना जाने कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अपनी सारी कृतिया बà¥à¤²à¥‰à¤— पर डालना चाहता हूठशायद इसलिठताकि à¤à¤• जगह पर आसानी से इन सबको फà¥à¤°à¤¸à¤¤ के कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में पड़ पाऊं
अà¤à¥€ आगे मैं अपनी सारी कृतिया यहाठपोसà¥à¤Ÿ करूà¤à¤—ा !
-à¤à¤¨ के जे
